बर्ड फ्लू बीमारी लक्षण , कारण , बचाव - MyupChaars

बर्ड फ्लू बीमारी क्या है ? What is bird flu disease in Hindi?



बर्ड फ्लू का संक्रमण हाल ही में काफी कई राज्यों में कोरोना वायरस अभी तक पूर्ण रूप से ठीक नहीं हुआ की बर्ड फ्लू ने एक बार फिर से भारत के कई राज्यों में बर्ड फ्लू की बीमारी तेजी से फैल रहा है इस बीमारी से ज्यादातर पक्षी वायरस एवियन इन्फ्लुएंजा से अधिक प्रभावित होकर कई पक्षी इस वायरस मारे गए ! 
वायरस इन्फ्लुएंजा वैसे तो कई प्रकार के होते है जो पक्षी के अलावा अन्य जानवर और मानव जाती के लिए यह वायरस अधिक खतरनाक होता है !
मनुष्य के लिए यह वायरस एवियन एन्फ्लूएंजा H5 N1 / H7 N9 पक्षी में मौजूद होने के साथ-साथ यह वायरस पक्षी से मनुष्य के संपर्क में आता है तो उसे भी कई जानलेवा बीमारी के साथ बीमार एवं पीड़ित होना पड़ता है ! 
एवियन एन्फ्लूएंजा H5 N1 / H7 N9 मनुष्य के लिए यह वायरस अधिक जानलेवा होता है अगर कोई भी पीड़ित व्यक्ति एवियन एन्फ्लूएंजा H5 N1 / H7 N9 के संपर्क में आता है तो उसे भी यह बीमारी हो जाती है जिससे पीड़ित व्यक्ति में कई प्रकार के अन्य बीमारी से मिलते लक्षण दिखाई देते है !

बर्ड फ्लू के अन्य लक्षण



पक्षी से मनुष्य के बीच बर्ड फ्लू कैसे फैला ?
How bird flu spread among birds to humans in Hindi?


बर्ड फ्लू एक वायरल इन्फेक्शन के कारण यह पक्षी में अधिक तेज गति से फैलता है यह वायरस पक्षी में इस प्रकार फैलता जैसे - संक्रमित पक्षी के संपर्क में रहने से यह वायरस फैलता है अन्य पक्षी को भी यह वायरस एवियन एन्फ्लूएंजा हो जाती है जिससे वह पीड़ित पक्षी कई दिन बाद मर जाती है !

पक्षी और मनुष्य के बीच कुछ इस प्रकार फैला वायरस इन्फ्लुएंजा 
पक्षी और मनुष्य के बीच निम्नलिखित प्रकार से यह वायरस फैलता है जैसे -

1. पक्षी में ठंड के मौसम में वायरस बर्ड फ्लू अधिक सक्रिय हो जाता है और यह बीमारी बर्ड फ्लू एक संक्रमित पक्षी से अन्य कई पक्षी में यह बीमारी अधिक तेजी से फैलती है !
2. बर्ड फ्लू बीमारी पक्षी से मनुष्य में कुछ इस प्रकार फैलती है जैसे - संक्रमित पक्षी के संपर्क में यदि कोई स्वस्थ व्यक्ति पीड़ित पक्षी के संपर्क में रहता है तो उसे भी बर्ड फ्लू की बीमारी हो जाती है !
3. अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति पक्षी के मल संपर्क में आता है तो उसे भी बर्ड फ्लू की बीमारी हो जाती है !
4. संक्रमित पक्षी को छूने या पास में रखने से वह भी वायरस एन्फ्लूएंजा से पीड़ित हो जाता है !
5. संक्रमित पक्षी का अंडा खाने से यह बीमारी किसी भी व्यक्ति को हो सकती है !
6. मछली अधपका का सेवन करने से यह बीमारी उस व्यक्ति को हो सकती है !
7. मींट और मांस का सेवन करने से यह बीमारी हो सकती है !
8. मींट मांस के मार्किट में जाने से यह बीमारी हो सकती है !
9. मास्क का प्रयोग न करने से यह बीमारी हो सकती है !
10. किसी पक्षी या पीड़ित व्यक्ति को बिना मास्क और ग्लब्स के छूने से यह बीमारी हो सकती है !


बर्ड फ्लू कारण क्या है ? What causes bird flu in Hindi?


बर्ड फ्लू के निम्नलिखित प्रकार के कारण मनुष्य में कुछ इस प्रकार दिखाई देता है जैसे -

1. बर्ड फ्लू की बीमारी बहुत पहले से चीन के मींट मार्किट से इस बीमारी की उत्पति हुआ था जो की संक्रमित पक्षी का मांस खाने से यह बीमारी उस व्यक्ति में फैल गया जिससे यह बीमारी अधिक लोगो में फैलने का कारण बताया जाता है !
2. संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने या उसके साथ अधिक समय तक रहने से यह बीमारी उस व्यक्ति में यह वायरस असानी से फैल जाती है !
3. संक्रमित व्यक्ति से दान में किये ब्लड के डोनेट से यह ब्लड किसी व्यक्ति में चढ़ाया जाता है तो उस व्यक्ति को बर्ड फ्लू की बीमारी हो जाती है !
4. संक्रमित व्यक्ति का इलाज करते समय मास्क का प्रयोग न करना !
5. रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से किसी भी बीमारी का कारण हो सकता है !


बर्ड फ्लू के लक्षण क्या है ? What is the bird flu symptom in hindi?


बर्ड फ्लू के निम्नलिखित प्रकार के लक्षण मरीज के प्रति हो सकते है !

1. बुखार - बर्ड फ्लू के मरीज में वायरस इन्फ्लूएंजा के शरीर में प्रवेश करने से यह 2 से 3 दिन बाद यह अधिक सक्रिय होकर पीड़ित व्यक्ति में बुखार जैसी समस्या बन जाती है वैसे तो यह समस्या हर बीमारी में होती है लेकिन जांच के बाद यह मालूम किया जाता है की यह बुखार किस बीमारी का लक्षण है !

2. गले में खरास - बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में गले में खरास शुरूआती लक्षण में दिखाई देने लगता है और लैब टेस्ट से मालूम होता है की यह किस बीमारी का लक्षण है !

3. घबराहट होना - बर्ड फ्लू के बीमारी में व्यक्ति के प्रति यह लक्षण घबराहट होना होता है , बर्ड फ्लू के वायरस इन्फ्लूएंजा अधिक सक्रिय होने से यह वायरस श्वास नली को प्रभावित करती है जिससे श्वास नली सिकुड़ जाती है और घबराहट जैसी लक्षण मरीज के प्रति होती है !

4. मांसपेशियों का दर्द - वायरस एन्फ्लूएंजा से पीड़ित व्यक्ति में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से मांसपेशियों का दर्द होना बर्ड फ्लू का लक्षण होता है !

5. सिर दर्द - बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में शुरूआती दौर में सिर दर्द जैसे लक्षण दिखाई देती है यह लक्षण हर बीमारी के प्रति होती है लेकिन इसके प्रति सचेत रहे और जांच जरूर कराये जिससे किसी भी बीमारी का लक्षण मालूम हो सके !

6. सीने में तेज दर्द -  बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति यह लक्षण 3 से 4 दिन बाद दिखाई देने लगता है और धीरे-धीरे करके तेज दर्द होने लगता है सीने में तेज दर्द होना यह किसी भी बीमारी का लक्षण हो सकता है !


7. सांस लेने में तकलीफ - बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में सांस लेने की समस्या अधिक होती है जिससे पीड़ित व्यक्ति का इलाज समय से नहीं किया गया तो यह बीमारी पीड़ित व्यक्ति के लिए जानलेवा हो सकता है !

8. निमोनिया - बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में अंतिम लक्षण निमोनिया का होता है यह लक्षण तब होता है जब मरीज अधिक समय तक पीड़ित इस बीमारी से रहता है वैसे तो निमोनिया की बीमारी कई बीमारी का लक्षण होता जैसे - कोरोना वायरस , ब्लड की कमी , एड्स , टीबी आदि सभी बीमारी का लक्षण निमोनिया हो सकता है !


बर्ड फ्लू के अन्य लक्षण जो सामान्य बीमारी का होता है !
Other symptoms of bird flu that are common illness in Hindi.



बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में यह लक्षण अन्य बीमारी के लक्षण से सामान्य रूप से मिलता है जो निम्नलिखित प्रकार का होता है !

9. बर्ड फ्लू का लक्षण सर्दी-जुकाम !
10. सिर दर्द करना !
11. अधिक थकान महसूस होना !
12. भोजन के पाचन न होने से बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में उल्टी जैसी लक्षण होता है !
13. पेट दर्द बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में आदि सभी प्रकार के लक्षण हो सकते है !


बर्ड फ्लू से बचाव कैसे करे ? How to prevent bird flu in Hindi?


बर्ड फ्लू से बचाव करने के लिए निम्नलिखित उपाय करने से इस बीमारी से बचाव किया किया जा सकता है !

1. पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में न जाये अगर किसी कारण वश जाना पड़ जाये तो फेस मास्क और ग्लब्स का प्रयोग करने के बाद जाये !
2. पक्षी के मल और उनके रहन-सहन से दूरी बनाये !
3. घर से बाहर जाये तो फेस मास्क का इस्तेमाल जरूर करे !
4. मींट और मांस का सेवन न करे क्योकि मींट और मांस के सेवन करने से वायरस एन्फ्लूएंजा बर्ड फ्लू का कारण बन सकता है !
5. खच्चे मींट और मांस का सेवन न करे !
6. गर्म पानी का सेवन करे जिससे किसी भी बीमारी से बचाव किया जा सके !
7. रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने वाले भोज्य पदार्थ और फल का अधिक सेवन करना चाहिए जिससे किसी भी बीमारी से लड़ने की क्षमता अधिक हो और किसी भी बीमारी को असानी से मात !



बर्ड फ्लू की बीमारी से जोखिम Risk from bird flu disease in Hindi.

बर्ड फ्लू की बीमारी वायरस इन्फ्लूएंजा ठंड के मौसम में यह वायरस अधिक सक्रीय होता है जिससे यह वायरस एक दूसरे के संपर्क में रहने से अधिक फैलता है जिससे स्वास्थ के प्रति अधिक जोखिम हो सकता है !

बर्ड फ्लू की बीमारी से निम्नलिखित प्रकार से जोखिम हो सकता है !

1. बर्ड फ्लू के जोखिम वायरस इन्फ्लूएंजा पक्षियों के संपर्क में आने से जैसे - पक्षी के मल , पंख , थूक , अंडे , मुर्गी आदि सभी का सेवन करने से यह वायरस आपको बीमार कर सकता है और अधिक व्यक्ति में फैल सकता है !

2. वायरस इन्फ्लूएंजा से सम्बंधित पक्षी और मुर्गी का पालन करने से यह स्वास्थ के प्रति जोखिम हो सकता है !

3. यह वायरस तीव्र गति से फैलती है जो किसी भी व्यक्ति के प्रति जोखिम हो सकती है !

4. अगर कोई व्यक्ति तालाब में स्नान और शौच करता है तो उसे वायरस इन्फ्लूएंजा की बीमारी हो सकती है यह उस व्यक्ति के लिए अधिक जोखिम हो सकती है !

5. वायरस इन्फ्लूएंजा का टीका अगर समय से न लगाए जाये तो यह हर व्यक्ति के लिए जोखिम का कारण हो सकता है !


बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में बदलाव 
Change in person suffering from bird flu.


बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में कुछ इस प्रकार का बदलाव करने से यह बीमारी ठीक हो सकती है और पीड़ित व्यक्ति जल्दी ठीक हो सकता है !

1. बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति को ठीक करने के लिए जीवन शैली में कुछ इस तरह बदलाव करनी चाहिए जिससे पीड़ित व्यक्ति जल्दी ठीक हो जाये जैसे - 

. पीड़ित व्यक्ति को गर्म पानी का सेवन अधिक करनी चाहिए इलाज के समय !
. अधिक मात्रा में फल , हरी सब्जी , प्रोटीन युक्त भोजन करना चाहिए !
सुबह और शाम को थोड़ी दूर तक मास्क लगाकर टहलना चाहिए !
. वर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति का इलाज जांच के बाद करनी चाहिए जिससे बर्ड फ्लू का पूर्ण रूप से         इलाज किया जा सके !
. बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति को अनार का जूस का सेवन करना चाहिए जिससे अधिक मात्रा में कैल्शियम , प्रोटीन , आयरन आदि सभी तत्व प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होते है जो स्वास्थ के लिए अधिक फायदेमंद !
. स्वास्थ के प्रति अधिक सावधान और सतर्क चाहिए !


बर्ड फ्लू से सम्बन्धित सवाल जवाब  ( FAQ )
Bird flu related questions and answers. 


Q. क्या बर्ड फ्लू बीमारी का इलाज करने से यह ठीक हो जाता है ?

ANS - जी हाँ अगर समय से बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति का इलाज किया जाये तो यह बीमारी कम समय में ठीक हो जाती है !

Q. बर्ड फ्लू बीमारी का वायरस नाम क्या है ?

ANS. - बर्ड फ्लू बीमारी का वायरस नाम एवियन इन्फ्लुएंजा है यह वायरस पक्षी में अधिक तीव्र गति से फैलती है जिससे यह वायरस अधिक सक्रिय होकर अन्य पक्षी में फैल जाती है !

Q.  बर्ड फ्लू का लक्षण क्या है ?

ANS. - बर्ड फ्लू का लक्षण निम्नलिखित प्रकार से मरीज के प्रति हो सकता है जैसे - सर्दी-जुकाम , बुखार , शरीर दर्द , सांस लेने में तकलीफ , कमजोरी महसूस करना , निमोनिया जैसी बीमारी का लक्षण बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति में होता है !

Q. बर्ड फ्लू के प्रति क्या सावधनियां बर्तनी चाहिए ?

ANS. - बर्ड फ्लू के प्रति निम्नलिखित प्रकार की सावधानियां बर्तनी चाहिए जैसे - मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए , बर्ड फ्लू से पीड़ित व्यक्ति से दूरी बनाये , बर्ड फ्लू के प्रति अधिक जानकारी होनी चाहिए आदि सभी प्रकार की जानकारी होनी चाहिए जिससे बर्ड फ्लू की बीमारी से बचाव किया जा सके !

Q. क्या बर्ड फ्लू की बीमारी एक वायरल इन्फेक्शन है ?

ANS. - जी हाँ बर्ड फ्लू ( एवियन एन्फ्लूएंजा वायरस ) वायरल इन्फेक्शन है जो किसी छुआछूत से यह बीमारी अधिक फैलती है , बर्ड फ्लू की बीमारी से बचाव करने के लिए उपाय बताये गए लेख के अनुसार इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है !

Q. बर्ड फ्लू से बचाव के लिए क्या करना चाहिए ?

ANS. - बर्ड फ्लू से बचाव के लिए बर्ड फ्लू वायरस का टीका लगवाना चाहिए और इससे और जानकारी के आप माय उपचार के लेख में बताया गया है की इस बीमारी से कैसे बचाव किया जा सकता है !

Q. क्या बर्ड फ्लू की बीमारी का लक्षण निमोनिया होती है ?

ANS. - जी हाँ बर्ड फ्लू की बीमारी में निमोनिया का लक्षण होता है , निमोनिया का लक्षण बर्ड फ्लू के चौथे चरण में यह बीमारी मरीज के प्रति होती है !
बर्ड फ्लू का लक्षण माय उपचार के लेख के द्वारा बर्ड फ्लू का लक्षण विधिवत रूप से बताया गया है !





              







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